"एकलव्य"

"एकलव्य की प्यारी रचनायें" एक ह्रदयस्पर्शी हिंदी कविताओं एवं विचारों का संग्रह

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

दो लघुकथाएँ

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छुटकारा ( लघुकथा ) "बोल-बोल रानी! कितना पानी ?  नदिया सूखी, भागी नानी।"  कहते हुए ननुआ मदारी अपने बंदर और बंदरिया को...
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सोमवार, 25 नवंबर 2019

'क्रान्ति-भ्रमित'

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'क्रान्ति-भ्रमित'   चल रहे हैं पाँव मेरे, आज तो पुकार दे ! क्षण की वेदी पर स्वयं, तू अपने को बघार दे !   लुट रहीं ...
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सोमवार, 11 नवंबर 2019

भागते रास्ते.... ( गीत )

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भागते रास्ते....  ( गीत ) वो जो आए थे....... जो गुज़र गये होते हुए ..... इसी रास्ते ..... मैं पुकारता ....यों ही रह गया दबता ...
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गुरुवार, 7 नवंबर 2019

१९वें अखिल भारतीय सम्मान "२०१९ हिंदी साहित्य दिव्य शिक्षारत्न सम्मान"

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१९वें अखिल भारतीय सम्मान   "२०१९ हिंदी साहित्य दिव्य शिक्षारत्न सम्मान "  अत्यंत हर्ष के साथ आप सभी गणमा...
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मंगलवार, 5 नवंबर 2019

उठा-पटक

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उठा-पटक   खेल रहे थे राम-राज्य का  गली-गली हम खेल, आओ-आओ, मिलकर खेलें  पकड़ नब्ज़ की रेल।  मौसी तू तो कानी कुतिया  खाना ...
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सोमवार, 23 सितंबर 2019

धारावाहिक.... ( उपन्यास ) खण्ड -१

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धारावाहिक........... ( उपन्यास ) खण्ड -१ अपने सम्मानित पाठकों के लम्बे इंतज़ार और माँग को देखते हुए, मैं अपने नये उपन्यास "धारावाहिक...
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बुधवार, 5 जून 2019

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गरिमा ...   मूल रचनाकार : ध्रुव सिंह 'एकलव्य'                                                                  ध्वनि :...
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"सरल संदेशों में लिपटा हूँ,मैं अनजाना राही,चंद शब्द में,बात मैं कहता ,कालजयी कलम का सिपाही"

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